Friday, April 2, 2010

आयशा ने सिद्दीकी तोड़ी चुप्पी

सानिया मिर्जा से 15 अप्रैल को होने वाले विवाह से पहले शोएब मलिक पर भड़ास उतारते हुए आयशा सिद्दीकी और उसके परिवार ने पाकिस्तानी क्रिकेटर पर मुकदमा करने की धमकी देते हुए साफ तौर पर कहा कि यह मामला तभी खत्म होगा, जब उसे आधिकारिक तौर पर तलाक मिल जाएगा।

आयशा ने शोएब से 2002 में निकाह होने का दावा किया है। उन्होंने शुक्रवार को भारतीय और पाकिस्तानी चैनलों को 'निकाहनामे' की प्रति देने के साथ इस मसले पर पहली बार चुप्पी तोड़ी। कई पाकिस्तानी और भारतीय टीवी चैनलों पर निकाहनामा दिखाया गया, जिस पर दूल्हे के कॉलम में शोएब के दस्तखत हैं और दुल्हन के कालम में मोहतरमा सिद्दीकी के हस्ताक्षर हैं।

आयशा ने कहा कि मैंने निकाहनामा इसलिए जारी किया क्योंकि शोएब और उनका परिवार लगातार निकाह का खंडन कर रहा है। शोएब और सानिया का निकाह 15 अप्रैल को हैदराबाद में होना है, जिसके बाद लाहौर में रिसेप्शन है।

आयशा ने कहा कि मैं सिर्फ शोएब मलिक से आधिकारिक तौर पर तलाक चाहती हूँ लेकिन यह सभी के सामने होना चाहिए क्योंकि वह बाद में भी इस बात से मुकर सकता है कि हमारा निकाह हुआ था। मैं आगे बढ़ना चाहती हूँ और मैं नहीं चाहती कि लोग लगातार मुझसे इस निकाह के बारे में सवालात करे। आधिकारिक तौर पर 'तलाक, तलाक, तलाक' कहने से भी काम चल जाएगा।

सिद्दीकी परिवार ने दावा किया है कि शोएब का निकाह उनकी बेटी से हो चुका है और सानिया मिर्जउनकी दूसरी बीबी होगी। पाकिस्तानी क्रिकेटर और उनका परिवार लगातार इसका खंडन कर रहा है। सिद्दीकी ने मलिक पर मानहानि का मुकदमा दायर करने की धमकी देते हुए उलेमा से उसके खिलाफ फतवा जारी करने की माँग की।

आयशा ने कहा कि हमने निकाहनामा इसलिए जारी किया क्योंकि इससे साबित होता है कि शादी हुई थी। उन्होंने कहा कि इस पर गवाहों के दस्तखत है और शोएब ने मुझे इसकी कॉपी दस्तखत के लिये भेजी थी। इस पर हक मेहर के रूप में 500 पाकिस्तानी रुपए लिखे गए हैं।

Farisha Siddiqui and MA Sddiqui (R), parents of Ayesha
PTI
उन्होंने यह भी कहा कि शोएब को उनके मोटापे से दिक्कत थी और उसके लिए उन्होंने दिल्ली में ऑपरेशन भी कराया। शोएब के जीजा इमरान जफर मलिक ने मैरिज सर्टिफिकेट को फर्जी बताते हुए कहा कि कोई निकाह हुआ ही नहीं था।

उन्होंने कहा कि मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता कि आयशा बेहद काबिल लड़की है लेकिन कुछ लोग उन्हें गुमराह कर रहे हैं। इमरान ने कहा कि सिद्दीकी परिवार ने उनके सामने कोई विकल्प नहीं छोड़ा है और अब उन्हें कानूनी कार्रवाई करनी ही होगी।

आयशा ने कहा कि मैं भले ही जीती नहीं, लेकिन हारी भी नहीं हूँ। यदि वह मुझे नहीं चाहता तो मुझे भी उसकी ख्वाहिश नहीं है। मेरे पिता की बायपास सर्जरी हुई है। मैं हमदर्दी की भीख नहीं माँग रही। मैं ही जानती हूँ कि मेरे परिवार पर क्या गुजरी है।

आयशा ने इस बात से इंकार किया कि वह ये सब दौलत और शोहरत के लिए कर रही है। उन्होंने इन खबरों का खंडन किया कि शोएब ने महा सिद्दीकी नामक औरत से शादी की थी, आयशा से नहीं।

उन्होंने कहा कि मेरा नाम महा सिद्दीकी है। आयशा नाम मेरी दादी ने दिया है। महा मेरे पासपोर्ट में है। यदि वह कहते हैं कि निकाह में गलत नाम दिया गया है तो दोनों नाम मेरे ही हैं। एक पाकिस्तानी टीवी चैनल ने कहा कि शोएब ने 2004 में एक इंटरव्यू में कबूल किया था कि उसकी आयशा से शादी हो चुकी है।

इंटरव्यू करने वाले ने जब पूछा कि क्या युवा और कामयाब क्रिकेटर होने के कारण लड़कियाँ उनके पीछे भागती हैं? शोएब ने कहा कि लगता है कि आप मुझे मेरी बीबी से पिटवाना चाहते हैं। मेरा निकाह हो चुका है। वह जेद्दा में रहती है हालाँकि उनका ताल्लुक भारत में हैदराबाद से है।

आयशा ने बताया कि शोएब से उनकी 2000 में दुबई में मुलाकात हुई थी और दोनों नियमित अंतराल पर मिलते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब हमारी पहली मुलाकात हुई थी तब हमने अपने करियर की शुरुआत ही की थी। बाद में वह स्टार बन गए तो उनकी मुझमें दिलचस्पी नहीं रही। वह कहने लगे कि तुम सुंदर नहीं हो, मुझे शर्मिंदा करती हो।

किसी का नाम लिए बगैर आयशा ने कहा कि शोएब के एक साथी खिलाड़ी ने उनसे कहा कि भाभी मोटी है। उन्होंने कहा कि शोएब ने फोन पर मुझे चिल्लाकर कहा कि मैं यह सब नहीं सुनना चाहता। मैं इससे शर्मिंदा हो जाता है। (भाषा)

Tuesday, March 30, 2010

बालों से जाने महिलाओं का व्यक्तित्व


बाल खूबसूरती और तारीफ का पैमाना ही नहीं होते हैं। बल्कि ये आपके स्वभाव और पर्सनैलिटी को भी बताते हैं। बाल व्यक्तित्व की पहचान पहचान होते हैं। व्यक्ति के विचार, उसकी जीवनशैली की बहुत सी

बाल खूबसूरती और तारीफ का पैमाना ही नहीं होते हैं। बल्कि ये आपके स्वभाव और पर्सनैलिटी को भी बताते हैं। बाल व्यक्तित्व की पहचान पहचान होते हैं। व्यक्ति के विचार, उसकी जीवनशैली की बहुत सी बातें बालों को देखकर बताई जा सकती है। विविध परीक्षणों में भी व्यक्तित्व की जांच के लिए बालों पर काफी अध्ययन किया गया है। आइए, जानते हैं कि बालों के प्रकार के अनुसार महिलाओ के व्यक्तित्व के बारे में।
लंबे बाल : लंबे बालों वाली महिलाएं यथार्थ की जमीन पर जीती हैं। कल्पनाओं की दुनिया में ये तभी बहती हैं जब उनका कोई ठोस परिणाम सामने आने की संभावना हो। ये बगैर घोषणाओं के काम करती हैं। बातें कम, काम ज्यादा ये इनके जीवन का मूलमंत्र होता है। परिस्थितियों पर विचार करके बोलना इन्हें अच्छा लगता है। पैसे की कीमत ये भली प्रकार से जानती हैं। इन्हें बडी किफायत से चीजों को इस्तेमाल करना आता है। साथ ही लंबे बालों वाली महिलाएं व्यावहारिक भी होती है।
घुंघराले बाल : घुंघराले बाल वाली महिलाएं कलाकार होती हैं। साहित्य और संगीत से इन्हें बहुत लगाव होता है। ऎसी महिलाएं अधिकतर कल्पनाओं के समंदर में गोते लगाती रहती हैं। इन्हें मेहमानवाजी का खास शौक होता है। इनमें बाकी लोगों से कम दूरदर्शिता पाई जाती है। किस्मत के मामले में ये दो नंबर आगे रहती हैं। ऎसी महिलाएं "जियो और जीने दो" के सिद्धांत पर भरोसा करती हैं।
पतले व कम बाल: पतले व कम बाल वाली महिलाओं को मेहनत व ईमानदारी की रोटी पर भरोसा होता है। लेकिन ऎसी महिलाएं अन्य की अपेक्षा कम रोमांटिक होती हैं। ये मुखर नहीं होती। इनका मूलमंत्र है, जो मिल गया उसी को मुकद्दर समझ लिया। जो खो गया उनकों ये भुलाती जाती हैं। ऎसी महिलाएं बहुत सारे राज अपने सीने में दफन कर लेती हैं। प्यार में अक्सर ये धोखा खाती हैं। स्वभाव से ये बहुत शर्मिली होती हैं। इनका जीवन बहुत ही शांति से बीतता है।
छोटे बाल : छोटे बालों वाली महिलाएं बहुत मेहनती होती हैं। प्रबल अनुशासन में रहना इनकी आदत होती है। प्यार और नफरत इनके भीतर हमेशा विद्यमान रहते हैं। इनका व्यक्तित्व कई बार दोहरा नजर आता है। ऎसी महिलाएं पैसा भी खर्च करती हैं, पर कई बार बिल्कुल भी नहीं करती। ऎसी महिलाएं धोखेबाज नहीं होती हैं। कई बार इनकी सपाटबयानी इनको दूसरों के सामने घंमडी साबित कर देती हैं। ये थोडी स्वार्थी और महत्तवकांक्षी होती हैं। ये अपने हित के लिए ज्यादा ही व्याकुल रहती हैं। महफिल इन्हे बहुत पसंद आती है। ऎसी महिलाएं मित्रों के मामले में सलेक्टिव होती हैं।

सेक्स बढाए खूबसूरती

सेक्स की सुखद अनुभूती प्रकृति की एक अनुपम देन है। सेक्स में चरमसुख की प्राप्ति जहां तनमन को संतुष्टि देती है, वहीं मन प्रफल्लित रहने से सौंदर्य में भी निखार आता है। विवाह के बाद आमतौर पर महिलाओ का रूप एकदम से खिल जाता है। आँखों में एक अलग सी चमक आ जाती है।

सेक्स की सुखद अनुभूती प्रकृति की एक अनुपम देन है। सेक्स में चरमसुख की प्राप्ति जहां तनमन को संतुष्टि देती है, वहीं मन प्रफुल्लित रहने से सौंदर्य में भी निखार आता है। विवाह के बाद आमतौर पर महिलाओ का रूप एकदम से खिल जाता है। आँखों में एक अलग सी चमक आ जाती है। संतुष्टिदायक सेक्स न केवल शारीरिक सुख से जुडा है, बल्कि इसका भावनात्मक पहलू भी अत्यंत महत्तवपूर्ण हैं। जब पुरूष एंव महिला का आपसी शारीरिक संसर्ग होता है,तो महिला में हारमोन का उत्पादन बढ जाता हैं। हारमोन की अघिकता महिलाओं को सेक्स में आक्रामक बनाती है,साथ ही उनमें आत्मविश्वास भी भर देती है।
तनाव से प्रभाव-
सेक्स संबंघो में तन के साथ-साथ मन का समर्पण भी जरूरी है। यदि पत्नी के दिल को पति की किसी बात से चोट पहुंची है, तो सेक्स के लिए उसका तनमन न तो पति को सहयोग दे पाएगा, न ही वह सहवास के दौरान उत्तेजना महसूस कर पाएगी। यही बात पत्नी पर भी लागू होती है। यदि पति किसी बात से तनावग्रस्त है तो इस से पति की यौन क्षमता पर भी नकारात्मक असर पडेगा।
चरम आनंद -
इस्ट्रोजन और टेस्टास्टेरान हारमोन दोनों महिला के अंग में चिकनाहट उत्पन्न करते हैं और सेक्स को चरम आनंद की ओर ले जाते हैं। यह चरम आनंद ही महिला को संतुष्ट एंव खूबसूरत होने का एहसास दिलाता है। यदि महिला के शरीर में इन हारमोन की कमी को जाती है, तो महिला के अंग मे रूखापन आ जाता है। इसके कारण उसे चरम आनंद की प्राप्ति नहीं हो पाती। स्वस्थ सेक्स का संबंघ मानसिक रूप से अघिक जुडा होता हैं। अगर आप सेक्स के दौरान मानसिक रूप से संतुष्ट हैं तो निश्चित रूप से आप के चेहरे पर रौनक एंव आत्मविश्वास झलकेगा।
मन खुश तो तन खुश -
यदि सेक्स से पूर्व आप तन और मन दोनो से पूर्णत: समर्पित हैं तो आप को चरमसुख की प्राप्ति से कोई नहीं रोक सकता। एक संतुष्ट सेक्स दोनो पार्टनर के लिए संजीवनी बूटी की तरह काम करता है। एक संतुष्ट सेक्स ताजगी भरा एहसास, आत्मिक संतुष्टि एंव ऊर्जा प्रदान करता है, जो आपके सौंदर्य को कई गुना बढा देता है। सेक्स से पूर्व फोरप्ले एवं कल्पनाशीलता सेक्स को और भी उत्तेजक बनाता है। सेक्स में स्पर्श तथा नएनए आसन पति-पत्नी में प्यार व निकटता को बढाते हैं। एक संतुष्ट सेक्स संबंघो को मघुर बनाता है और तन एवं मन को खूबसूरत होने का एहसास दिलाता है।
मिठास फोरप्ले की -
सेक्स को सफल बनाने के लिए संसर्ग के दौरान अपने साथी के मुँह, होंठो गर्दन इत्यादि शारीरिक अंगो की तारीफ करनी चाहिए। यदि मन के भाव एंव नैनो की भाषा पढ कर पति संसर्ग करे तो महिला की नजर में यह पुरूष की मर्दानगी को बढाता हैं। महिलाओको सेक्स में आराम, सुकून एवं फोरप्ले द्वारा दी गई घीमी प्रक्रियाएं बहुत उत्तेजित करती हैं। इससे दोनो मिलकर सेक्स के चरमसुख को प्राप्त कर स्फूर्ति एवं खूबसूरती हासिल कर सकते हैं।
सेक्स प्रकिया एक कुदरती आनंद -
सेक्स एक ऎसी प्रकिया है, जो शारीरिक एवं मानसिक अभिव्यक्ति व्यक्त करने का कुदरती माघ्यम है। जिस व्यक्ति का मन-मस्तिष्क जितना स्वस्थ होगा, उसकी सेक्स अभिव्यक्ति भी उतनी ही आनंदमय होगी। तनाव व चिंता से मुक्त सेक्स से रोम-रोम पुलकित हो उठता है और तन-मन में नई स्फूर्ति एवं खूबसूरती का एहसास होता है।

Saturday, March 20, 2010

स्पेन की एक लोक-कथा

स्पेन की एक लोक-कथा है : एक चूहे पर एक जादूगर को बड़ी दया आई और उसने उसे बिल्ली बना दिया, ताकि वह आराम से रह सके. लेकिन बिल्ली बन जाने पर उसे कुत्ते का डर बना रहा. जादूगर ने उसे कुत्ता बना दिया पर अब वह शेर से डरने लगा. उसे शेर भी बना दिया गया पर अब वह शिकारियों से डरने लगा.
खीजकर जादूगर ने उसे फिर चूहा बना दिया और कहा, "मैं तेरी कोई मदद नहीं कर सकता. आखिर दिल तो तेरा चूहे का ही है !"